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Friday, 21 June 2013

कहीं हैकिंग का अगला शिकार आप तो नहीं....(hakers and hacking)

हर रोज बिना यूजर की जानकारी के लाखों से ज्यादा ईमेल खाते हैक हो रहे हैं। ऐसे समय में यूजर को हैकिंग के प्रति अपनी आंखे खुली रखकर किसी अनहोनी घटना से बचने की जरूरत है। पिछले हफ्ते 21 साल की केशा मित्रा को 4 शब्दों वाला एक खतरनाक ईमेल मिला। ईमेल में लिखा था कि आपका ईमेल हैक हो चुका है। इतना ही नहीं केशा के जीमेल खाते से बिना उसकी जानकारी के उसके दोस्तों को वीडियो लिंक भी भेज गया था। शुरूआत में तो केशा ने अपने लैपटॉप में इंस्टॉल सुरक्षा संबंधी सॉफ्टवेयर के चलते हैकिंग को मजाक समझा, लेकिन बाद में केशा को अपने जीमेल खाते के बार-बार लॉग आउट होने की बात याद आई।
मित्रा ने तुरंत ही अपने खाते का पासवर्ड बदल कर कुछ राहत की सास ली। मित्रा की तरह ही लाखों लोगों के खाते अलग-अलग तरीकों से हैक हो चुके हैं। हैकर अपना अगला शिकार आप को भी बना सकता है।

इंटरनेट पर यूट्यूब और अन्य अलग-अलग साइटों में हैकिंग के तरीकों को बताने वाले लगभग 20,000 से ज्यादा वीडियों अपलोड हैं। इनमें हैकिंग की बेसिक जानकारी, ईमेल हैकिंग के तरीके और कंप्यूटर-मोबाइल को हैक करने के उपाय वीडियों के माध्यम से समझाये गये हैं।गूगल सुरक्षा टीम के इंजीनियरिंग निदेशक एरिक ग्रोस्से ने अपने ब्लॉग पर लिखा है कि अधिकतर खातों को पहचान चुराने, वित्तीय डाटा जानने और स्पैम मेल भेजने के लिए हैक किया जा रहा है। आईटी और ई-सुरक्षा विशेषज्ञ विजय मुखी ने बताया कि कुछ मामलों में ही हैकर्स व्यक्ति विशेष को अपना शिकार बनाते हैं। 6-7 महीनों पहले मुझे भी एक चर्चित व्यक्ति के हैक हुए सोशल नेटवर्किंग खाते से पैसे की मांग वाला मैसेज आया था। हैकिंग आज एक बड़ा खतरा है। मुखी की तरह ही पिछले महीने पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट के धनंजय पाटिल के ट्यूटर खाते को भी हैकिंग का शिकार होना पड़ा था।

हैक हो चुके खातों के पासवर्ड रिकवरी को लेकर आईटी ऑडिटर नीरज कापसी का कहना है कि अगर आप अपने खाते को लॉगिन नहीं कर पा रहे हैं, तो हो सकता है कि आपके खाते को हैक कर लिया गया है। ऐसे में तत्काल अपने पासवर्ड को बदल दें। सेवा प्रदाताओं की ओर से पासवर्ड बदलने के लिए अलग-अलग तरीके हैं। कुछ प्रदाता वैकल्पिक ईमेल पर लिंक भेजकर पासवर्ड बदलते हैं, तो कुछ एसएमएस या सुरक्षा प्रश्न का जवाब देने पर पासवर्ड परिवर्तित करने का काम करते हैं।

कानून में है प्रावधान
ईमेल खातों या सोशल नेटवर्किंग खातों की हैकिंग को भारतीय आईटी अधिनियम की धारा 66 के तहत संज्ञेय अपराध माना जाता है। खातों के हैक होने पर पुलिस विभाग के सायबर अपराध कक्ष में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई जा सकती है। हालांकि मुखी कानूनी प्रावधान के तहत हैकिंग केसों को सुलझाने में मजिस्ट्रेट और सेशन स्तर की कोर्ट को पूरी तरह से प्रशिक्षित नहीं मानते हैं।
आगे की पोस्ट में, में आपको बताऊंगा की आखिर यह हैकिंग होती केसे हे ! तो इन्तजार कीजिये मेरी अगली पोस्ट का !

कैसे समझें खातों का हैक होना
अगर आप अपने खातों में सही यूजर नाम और पासवर्ड डालने के बाद भी लॉगिन नहीं कर पा रहे हैं, तो समझ लीजिए कि आपका खाता हैक हो चुका है। इसके अलावा आपके खाते से आपके अलावा किसी और के द्वारा भेजे ईमेल भी हैं, तो भी ये हैकिंग की ओर इशारा करता है।इसके अलावा अपने सेवा प्रदाता द्वारा बार-बार टॉप पेज पर दिये जाने वाली हैकिंग चेतावनी भी खाते के हैक होने को दर्शाती है। हैकिंग चेतावनी प्रदाता द्वारा साधारण तौर पर खाताधारक के इनबाक्स में नहीं भेजी जाती है।

ऐसे बचाएं खातों को हैक होने से
खातों के हैक होने के संदेह पर तत्काल अपना पासवर्ड बदलना ही समझदारी है। खाताधारक को हमेशा साधारण पासवर्ड की जगह आसानी से न सोचा जाने वाला अल्फान्यूमेरिक (अंकों और शब्दों से बना) पासवर्ड रखना चाहिए। अगर हैकर ने आपका पासवर्ड बदल दिया है तो वैकल्पिक ईमेल द्वारा नया पासवर्ड बनाने के लिए सेवा प्रदाता से सहायता ऑप्शन में जाकर संपर्क करें। खाता धारकों को वैकल्पिक और मुख्य खाते के पासवर्ड को एक ही न रखकर अलग-अलग रखना चाहिए। साथ ही समय-समय पर इसे बदलना भी आवश्यक है। ऐसा न करने पर हैकर के लिए हैकिंग आसान हो जाती है। लंबे समय से इस्तेमाल न कर रहे खातों या सोशल नेटवर्किंग साइट को बंद कर देना चाहिए। ताकि हैकर आपके इस्तेमाल न किये जाने का फायदा न उठा सके। इंटरनेट प्रयोगकर्ता को असुरक्षित और सार्वजनिक बेतार नेटवर्कस पर ईमेल या साइट खोलने से भी बचना चाहिए। साथ ही अगर हो सके तो अपने ईमेल से जुड़ी जानकारी किसी को भी न बताएं।
आगे की पोस्ट में, में आपको बताऊंगा की यह हैकिंग आखिर होती केसे हे ! तो इन्तजार कीजिये मेरी अगली पोस्ट का !
आज का अनमोल वचन
संस्कृति सबकी एक चिरन्तन, खून रंगों में हिन्दू हे !

विराट सागर समाज अपना, हम सब इसके बिंदु हे !!..हितेश राठी

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