/*-------------------------- Narrow black Orange-------------*/ .MBT-readmore{ background:#fff; text-align:right; cursor:pointer; color:#EB7F17; margin:5px 0; border-left:400px dashed #474747; border-right:2px solid #474747; border-top:2px solid #474747; border-bottom:2px solid #474747; padding:2px; -moz-border-radius:6px; -webkit-border-radius:6px; font:bold 11px sans-serif; } .MBT-readmore:hover{ background:#EB7F17; color:#fff; border-left:400px dashed #474747; border-right:2px solid #EB7F17; border-top:2px solid #EB7F17; border-bottom:2px solid #EB7F17; } .MBT-readmore a { color:#fff; text-decoration:none; } .MBT-readmore a:hover { color:#fff; text-decoration:none; }

Monday, 3 June 2013

क्या हे फेसबुक स्केम और स्पेम, यह केसे फेलता हे और इनसे केसे बचा जा सकता हे ....एक बार इसे जरुर पडे

जीमेल में स्पेम के बारे में आपने सुना भी होगा और इस से बचने के कही तरीके भी आपने किये होंगे ! लेकिन शायद आपमें से जयादातर लोगो को पता नहीं हे की फेसबुक पर भी स्केम और स्पेम का खतरा मंडराया हुआ हे ! आपमें से 90% लोग फेसबुक का इस्तेमाल करते होंगे लेकिन क्या आपने कभी इस पर ध्यान दिया हे ! आज की इस पोस्ट में आपको इसके बारे में बताऊंगा और इनसे बचने के उपाय भी बताऊंगा !

पिछले कुछ दिनों से मेरे फेसबुक अकाउंट में लोगों की रिक्वेस्ट आ रही थीं , जिनमें प्रोफाइल वेरिफिकेशन का आग्रह किया जाता था। पता चला कि फेसबुक पर एक स्पैम मेसेज रोशनी की स्पीड से फैल रहा है जिसमें लोगों से कहा जा रहा है कि सभी यूजर्स के प्रोफाइल का 15 जून तक वेरिफिकेशन होना है। इसके बाद सभी अनवेरिफाइड अकाउंट डिलीट कर दिए जाएंगे। संदेश के नीचे ही वेरिफिकेशन की प्रोसेस शुरू करने के लिए बटन होता था। 

बेचारे फेसबुक यूजर धड़ाधड़ बटन पर क्लिक कर रहे थे , यह जाने बिना कि यह एक फेसबुक स्पैम की करतूत थी जो ऐप की शक्ल में वायरस की तरह काम करता है। जैसे ही वे इस ऐप को इन्स्टॉल करते थे , वह उनकी फ्रेंड लिस्ट में मौजूद लोगों को वही डरावना संदेश भेज देता था। 15 जून निकल चुका है लेकिन वेरिफिकेशन संदेश अब भी आ रहे हैं। प्रोफाइल वेरिफिकेशन स्पैम फेसबुक पर फैल रहे दर्जनों खतरनाक स्पैम में से एक है। एक बार इस पर दिए बटन को दबाने का मतलब है , आपने अपने निजी डेटा की प्रिवेसी के साथ समझौता कर लिया। क्लिक करने की बजाय आपको चाहिए कि ऐसे संदेशों को अपने पेज या टाइमलाइन से पूरी तरह हटा दें और फेसबुक को रिपोर्ट करें। 

फेसबुक यूजर्स के बीच इस बात को लेकर खासी जिज्ञासा रहती है कि उनके प्रोफाइल को किसने देखा। ऐसा करने वाले एक ऐप्लिकेशन से जुड़े संदेश कई महीनों से फैल रहे हैं , जिन्हें लोग क्लिक कर देते हैं। लेकिन यह एक फर्जी ऐप्लिकेशन है जो आपके अकाउंट का डेटा लपक लेता है। फेसबुक पर ऐसा कोई ऐप्लिकेशन नहीं है जो यह जानकारी दे सके। 



शक करें उस ऐप्लिकेशन पर जो 

1.
आपके फेसबुक खाते की सभी जानकारियों तक पहुंचना चाहता हो। 

2.
बहुत सारी चीजों के बारे में इजाजत मांगता हो। 

3.
फेसबुक चैट पर आपकी तरफ से चैट करने की छूट चाहता हो। वह चैट के जरिये दूसरों तक स्पैम मेसेज भेजने लगेगा। 

4.
आपके पेज और इवेंट्स को मैनेज करने की इजाजत मांग रहा हो। 

5.
आपकी तरफ से आपके दोस्तों को ईमेल भेजने की इजाजत चाहता हो। 

6.
आपको फ्री गिफ्ट कार्ड , एयरलाइन टिकट , फूड वाउचर , आई-पैड , आई-फोन देने की बात करता हो। 

7.
आपका कोई विडियो या सीक्रेट फोटो दिखाने की बात करता हो। 

8.
अश्लील विडियो या सिलेब्रिटीज के विडियो दिखाने की बात करता हो। 

9.
कोई रहस्य-सा बनाकर आपकी जिज्ञासा जगाने की कोशिश करे। जैसे यह फोटो आप जरूर देखना चाहेंगे या 95 फीसदी लोग यह विडियो पूरा नहीं देख पाएंगे या फिर 80 फीसदी लोग आंखों के इस टेस्ट में नाकाम हो गए।

ऐसे बचें फेसबुक स्कैम से 

हर कहीं क्लिक न करें: यूं ही बिना जाने समझे किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। यह नियम सिर्फ फेसबुक टाइमलाइन या वॉल पर ही नहीं बल्कि चैट संदेशों , ईमेल , प्राइवेट मेसेजों वगैरह पर भी लागू होता है। किसी ने कोई लिंक भेजा है तो पहले उससे पूछ जरूर लें। 

आकर्षक संदेशों से बचें: अगर कोई संदेश इतना आकर्षक है कि उस पर यकीन नहीं होता , तो फिर उसे खोलकर देखने की क्या जरूरत है। 

सिस्टम रखें सेफ: कंप्यूटर में ऐंटि-वायरस और ऐंटि-स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर जरूर इंस्टॉल करें और उन्हें पूरी तरह अपडेट भी रखें। 

प्रिवेसी सेटिंग्स: फेसबुक अकाउंट में प्रिवेसी और सिक्युरिटी सेटिंग्स का इस्तेमाल जरूर करें। मुमकिन हो तो प्रिवेसी सेटिंग को सबसे ऊपरी स्तर पर रखें ताकि आपका प्रोफाइल , ईमेल पता , जन्म दिन , घर का पता , फोटो और अपडेट हर किसी को दिखाई न पड़ें। 

ऐप्लिकेशन: किसी भी ऐप्लिकेशन को इस्तेमाल करने से पहले उसके बारे में गूगल सर्च करके देख लें। अगर वह सुरक्षित है , तभी ऐक्टिवेट करें। बीच-बीच में अपने ऐप्लिकेशंस की लिस्ट देखते रहें और गैरजरूरी ऐप्लिकेशंस हटाते रहें। इसके लिए अपने फेसबुक अकाउंट में सबसे दाईं तरफ होम लिंक पर क्लिक करके Account Settings>Apps का इस्तेमाल करें। अब ऐप के नाम पर क्लिक करके Edit लिंक को क्लिक करें और अपनी सेटिंग्स में जरूरी फेरबदल कर लें। यहां आपको दिखाई देगा कि कौन सा ऐप्लिकेशन आपके किस-किस डेटा का इस्तेमाल कर रहा है। जरा भी शक हो तो सेटिंग्स बदल दें या फिर ऐप को हटा दें। किसी भी ऐप को हटाने के लिए इसी जगह पर Edit की बजाए Remove App लिंक दबाने की जरूरत है। 

जानकारी में कंजूसी बरतें: अपने फेसबुक प्रोफाइल में सब कुछ बता डालने की जरूरत नहीं है। घर का पता , फोन नंबर , जन्म तिथि , दफ्तर का पता आदि डालने की जरूरत नहीं है। यहां सिर्फ आम सूचनाएं हों तो बेहतर।

फेसबुक पासवर्ड: फेसबुक पासवर्ड मजबूत रखें। यह थोड़ा लंबा हो तो अच्छा रहेगा। पासवर्ड में अंक , विशेष चिह्न , कैपिटल तथा स्मॉल लेटर्स आदि मौजूद हों तो उसे तोड़ना मुश्किल हो जाता है। कुछ हफ्तों या महीनों में उसे बदलते भी रहें। 

टैगिंग से छुटकारा 

फेसबुक ने यह सुविधा नहीं दी है , लेकिन आप यह जरूर कर सकते हैं कि किसी के टैग करने पर पहले आपको खबर मिले और आपकी मंजूरी के बाद ही टैग ऐक्टिव हो। इसके लिए Privacy>Settings>Timeline and Tagging>Edit पर जाकर Review posts friends tag you before they appear in your timeline को On कर दें। इसी तरह Review tags friends add to your own posts in Facebook के आगे दिए लिंक को क्लिक कर इसे भी On कर दें। अब जब भी आपको टैग किया जाएगा , पहले आपको सूचना मिलेगी और आपके मंजूर करने पर ही वह पोस्ट टाइमलाइन में आएगी। 

कैसे फैलते हैं स्कैम और स्पैम 

चैट: ऐसे कई स्पैम हैं जिनमें आपके फ्रेंड्स से किसी न किसी बहाने पैसा ऐंठने के लिए चैट संदेशों का इस्तेमाल किया जाता है। 

वॉल पोस्ट: अगर आपके किसी फेसबुक फ्रेंड के अकाउंट पर कब्जा कर लिया जाता है तो उसकी वॉल पर स्पैम मेसेज पोस्ट होने लगते हैं। ये मेसेज आपकी न्यूज फीड में आ जाते हैं। 

ग्रुप और पेज: कुछ पेज और ग्रुप अपने फेसबुक फ्रेंड्स को उनके साथ जोड़ने के बदले आपको किसी न किसी तरह का गिफ्ट ऑफर करते हैं। कई बार वे आपको एक खास कोड अपने ब्राउजर के अड्रेस बार में पेस्ट करने को कहते हैं जो आपको वायरस दे सकता है। इनके सदस्यों की संख्या जितनी बढ़ती जाती है , उनके लिए अपने स्कैम को चलाना उतना ही आसान हो जाता है। 

फर्जी ऐप्लिकेशन्स: कुछ ऐप्लिकेशन लोगों से किसी न किसी बहाने निजी डेटा मांगते हैं। जैसे एक फेसबुक क्विज स्कैम में आपको अपना स्कोर तभी दिखाया जाता है , जब आप अपना मोबाइल नंबर दे दें। 

फर्जी इवेंट्स: कुछ स्कैमर आकर्षक इवेंट्स आयोजित करने की बात करके फेसबुक यूजर्स को आमंत्रित करते हैं। वे उनके फेसबुक पेजों पर इवेंट्स से जुड़े लिंक पोस्ट करने की इजाजत मांगते हैं। ऐसे लिंक क्लिक करने वालों के अकाउंट पर कब्जा हो जाता है। 

विज्ञापन: कुछ विज्ञापन यूजर्स को आकर्षक ऑफर देकर अपनी ओर खींचते हैं। क्लिक करने पर वायरस ही हाथ लगते 

No comments:

Post a Comment

अगर यह पोस्ट आपको पसंद आई हो तो अपने विचार दे और इस ब्लॉग से जुड़े और अपने दोस्तों को भी इस ब्लॉग के बारे में बताये !